अंदरखाने की बात

बाबा की छवि को दागदार करने में लगे अफसर

बाबा की छवि को दागदार करने में लगे अफसर

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री टीएस सिंहदेव की छवि अब तक तो साफ-सुथरी बनी हुई है, लेकिन लगता नहीं है कि उनके विभाग के अफसर बहुत ज्यादा दिनों तक उनकी छवि को साफ- सुथरा रहने देंगे. विभाग में पदस्थ एक वरिष्ठ अफसर का कारनामा इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. बताते हैं कि अफसर ने छोटी-बड़ी हर सड़क पर कुदाल चलाने का निर्देश दे रखा है. सड़कों की जांच के लिए अफसर ने अपना एक स्कावड गठित कर रखा है. स्कावड के सदस्य बगैर किसी सूचना के सड़क की जांच के लिए निकल जाते हैं और फिर जहां मन करता है सड़क का पोस्टमार्टम कर दिया जाता है स्कावड की जांच-पड़ताल से सड़क निर्माण के काम में लगे ठेकेदार बेहद परेशान चल रहे हैं. पिछले चार महीनों में गुणवत्ता जांचने के नाम पर जरूरत से ज्यादा सड़कों का पोस्टमार्टम किया चुका है. विभागीय लोगों का कहना है कि अगर प्रदेश की सड़कें जरूरत से ज्यादा खराब है तो फिर हर सड़क की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए, लेकिन ऐसा भी नहीं हो रहा है.

अफसर से विभाग में बहुत से लोग प्रताड़ित भी चल रहे हैं. बताते हैं उन्होंने मंत्री और सचिव से पूछे बगैर ही कतिपय अफसरों का तबादला भी कर दिया है. जिस किसी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर का तबादला करना होता है उसके आदेश में स्थानांतरण न लिखकर प्रभार लिख दिया जाता है. विभाग में दूर-दराज के बहुत से अधिकारी प्रभार में ही काम कर रहे हैं. अफसर ने ब्रिज के कामकाज को देखने वाले एक अधिकारी को जरूरत से ज्यादा पावर भी दे रखा है. ब्रिज को संभालने वाला अफसर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के काम को भी देख लेता है जबकि इस काम को देखने का जिम्मा किसी दूसरे अफसर का है. जानकारों का कहना है कि अफसर पहले अपने आपको भाजपा के एक सांसद का रिश्तेदार बताया करता था. इन दिनों वह खुद को कांग्रेस के परिवार का सदस्य बताता है. हालांकि विभाग में चारों तरफ कैमरे लगे हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि चंदा उस जगह पर लिया जा रहा है जहां कैमरा नहीं होता. सूत्रों का कहना है कि अफसर ने चुनाव के समय अपने मातहत अफसरों को एक बड़ा लक्ष्य दिया था. लक्ष्य की ठीक-ठाक पूर्ति नहीं हो पाई तो अब तक उगाही चल रही है. विभाग के मंत्री टीएस सिंहदेव गुरुवार को एक बड़ी बैठक लेने वाले हैं. इस बैठक में सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य अन्य कई प्रमुख लोग शामिल होंगे. उम्मीद की जानी चाहिए वे उस अफसर को पहचानने में देर नहीं करेंगे. वैसे इस बार बैठक बड़ी होटल में नहीं बल्कि निमोरा के एक प्रशिक्षण केंद्र में हो रही है.