कला

दो सितंबर को रायपुर में सुनिए सेक्सोफोन बजाने वाले शानदार और जानदार कलाकारों को...

रायपुर. सुर और ताल के मुरीदों के शहर रायपुर में हर रोज संगीत का कोई न कोई आयोजन होते रहता है, मगर चंद कार्यक्रम ही ऐसा होता है जिसका असर लंबे समय तक कायम रह पाता है. जेहन में बस जाने वाला एक ऐसा ही कार्यक्रम 2 सितम्बर को शाम छह बजे वृंदावन हाल में होने जा रहा है. अपना मोर्चा डॉट कॉम और संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सेक्सोफोनिस्ट विजेंद्र धवनकर, लीलेश कुमार और सुनील अपनी कला का शानदार प्रदर्शन करेंगे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक दुर्गेश माधव अवस्थी होंगे. जबकि प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी और संस्कृति विभाग के संचालक अनिल साहू विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे. देश के प्रसिद्ध फिल्म अध्ययेता एवं विश्लेषक अनिल चौबे हिंदी फिल्मों में सेक्सोफोन की उपयोगिता को लेकर पर्दे पर एक विशिष्ट प्रस्तुति देंगे. सेक्सोफोन पर आधारित एक कहानी साज-नासाज के जरिए अपनी देश व्यापी पहचान कायम करने वाले कथाकार मनोज रुपड़ा भी अपने अनुभव से कार्यक्रम को समृद्ध करेंगे. कार्यक्रम का संचालन राजकुमार सोनी करेंगे.

यह सर्वविदित है कि बेलज्यिम के रहने वाले एडॉल्फ सैक्स म्यूजीशियन और इंस्टूमेंट डिजाइनर थे. एडॉल्फ तब लोकप्रिय हुए जब उन्होंने सेक्सोफोन का अविष्कार किया. यह वाद्ययंत्र जितना विदेश में लोकप्रिय हुआ उतना ही भारत में भी मशहूर हुआ. किसी समय तो इस वाद्ययंत्र की लहरियां हिंदी फिल्म के हर दूसरे गाने में सुनाई देती थीं, लेकिन सिथेंसाइजर व अन्य इलेक्ट्रानिक वाद्ययंत्रों की धमक के चलते इस वाद्ययंत्र का महत्व धीरे-धीरे घट गया. इधर एक बार फिर जब दुनिया ओरिजनल की तरफ लौट रही है तब लोगों का प्यार सेक्सोफोन पर उमड़ रहा है. ऐसा इसलिए संभव हो पा रहा है क्योंकि बाजार के इस युग में अब भी सेक्सोफोन को एक अनिवार्य वाद्य यंत्र मानने वाले लोग मौजूद है. अब भी संगीत के जानकार लोग यह मानते हैं कि दर्द और विषाद से भरे अंधेरे समय को चीरने के लिए सेक्सोफोन और उसकी धुन का होना बेहद आवश्यक है. बेदर्दी बालमां तुझको... मेरा मन याद करता है... है दुनिया उसकी जमाना उसी का... गाता रहे मेरा दिल...हंसिनी ओ हंसिनी... सहित सैकड़ों गाने आज भी इसलिए गूंज रहे हैं क्योंकि इनमें किसी सेक्सोफोनिस्ट ने अपनी सांसे रख छोड़ी है. छत्तीसगढ़ में भी चंद कलाकार ऐसे हैं जिन्होंने इस वाद्ययंत्र की सांसों को थाम रखा है. उम्मीद की जानी चाहिए कि सेक्सोफोन की दुनिया...कम से कम इस दुनिया से कभी खत्म नहीं होगी. यह कोशिश उसी दिशा में एक नन्हा सा कदम है.

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रायपुर में दो सितम्बर को सेक्सोफोन की दुनिया कार्यक्रम में धूम मचाएंगे कलाकार

रायपुर. सुर और ताल के मुरीदों के शहर रायपुर में यूं तो हर रोज संगीत का कोई न कोई कार्यक्रम होते रहता है, मगर चंद कार्यक्रम ही ऐसा होता है जिसका असर लंबे समय तक कायम रहता है. जेहन में बस जाने वाला एक ऐसा ही कार्यक्रम 2 सितम्बर को सिविल लाइन स्थित वृंदावन हाल में होने जा रहा है. अपना मोर्चा डॉट कॉम और संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में वाद्ययंत्र सेक्सोफोन को बजाने वाले दो फनकार विजेंद्र धवनकर और लिलेश कुमार अपनी कला का शानदार प्रदर्शन करेंगे. गणेश चतुर्थी के मौके पर होने जा रहे इस खास आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे पुलिस महानिदेशक दुर्गेश माधव अवस्थी.जबकि प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी और संस्कृति विभाग के संचालक अनिल साहू विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे. देश के प्रसिद्ध फिल्म अध्ययेता एवं विश्लेषक अनिल चौबे हिंदी फिल्मों में सेक्सोफोन की उपयोगिता को लेकर पर्दे पर अपनी प्रस्तुति देंगे. सेक्सोफोन पर आधारित एक कहानी साज-नासाज के जरिए देश व्यापी पहचान कायम करने वाले कथाकार मनोज रुपड़ा भी अपने अनुभव से कार्यक्रम को समृद्ध करेंगे.

यह सर्वविदित है कि बेलज्यिम के रहने वाले एडॉल्फ सैक्स म्यूजीशियन और इंस्टूमेंट डिजाइनर थे. एडॉल्फ तब लोकप्रिय हुए जब उन्होंने सेक्सोफोन का अविष्कार किया. यह वाद्ययंत्र जितना विदेश में लोकप्रिय हुआ उतना ही भारत में भी मशहूर हुआ. किसी समय तो इस वाद्ययंत्र की लहरियां हिंदी फिल्म के हर दूसरे गाने में सुनाई देती थीं, लेकिन सिथेंसाइजर व अन्य इलेक्ट्रानिक वाद्ययंत्रों की धमक के चलते इस वाद्ययंत्र का महत्व धीरे-धीरे घट गया. इधर एक बार फिर जब दुनिया ओरिजनल की तरफ लौट रही है तब लोगों का प्यार सेक्सोफोन पर उमड़ रहा है. ऐसा इसलिए संभव हो पा रहा है क्योंकि बाजार के इस युग में अब भी एक वाद्य ( सेक्सोफोन ) को समय का नायक मानने वाले लोग मौजूद है. ऐसे तमाम लोग मानते हैं कि दर्द और विषाक्त से भरे अंधेरे समय को चीरने के लिए सेक्सोफोन और उसकी धुन का होना बेहद आवश्यक है. बेदर्दी बालमां तुझको... मेरा मन याद करता है... है दुनिया उसकी जमाना उसी का... हंसिनी ओ हंसिनी... सहित सैकड़ों गाने ऐसे है जो आज भी इसलिए गूंज रहे हैं क्योंकि किसी ने इनमें सेक्सोफोन के जरिए अपनी सांसे रख छोड़ी है. छत्तीसगढ़ में भी चंद कलाकार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी सांसों से इस वाद्ययंत्र की सांसों को थाम रखा है. उम्मीद की जानी चाहिए कि सेक्सोफोन की दुनिया...इस दुनिया से कभी खत्म नहीं होगी. यह कोशिश उसी दिशा में एक नन्हा सा कदम है.

 

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नाटक फांस में होगा किसान आत्महत्याओं की साजिश पर्दाफाश, मंचन 22 को

रायपुर. भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) रायपुर द्वारा 22 जून शनिवार की शाम साढ़े सात बजे रंगमंदिर सभागार में नाटक 'फांस' का मंचन किया जाएगा. हिन्दी के सुप्रसिद्ध कथाकार व उपन्यासकार संजीव के मूल उपन्यास पर आधारित कृति का छत्तीसगढ़ी नाट्य रूपांतरण संजय शाम ने किया है. नाटक के गीत देश के सुपरिचित गीतकार जीवन यदु ने लिखे हैं तथा इसकी परिकल्पना व निर्देशन मिनहाज असद ने की है.                               

नाटक में प्रमुखता से यह दर्शाया गया है कि भारत अब कृषि प्रधान देश से उद्योग प्रधान देश हो गया है. खेतों पर अब किसान नहीं मजदूर काम करते हैं और फार्म हाउस के मालिक आज तथाकथित किसान हैं. फिर खेत मजूरों पर अलग से कोई औद्योगिक श्रम कानून भी तो  नहीं है.गांव के बेबस किसान खेती की दिन-प्रतिदिन बढ़ती लागत, बैंक और सूदखोरों के कर्ज में डूबकर आत्महत्या कर रहे हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले दस सालों में लगभग 8 लाख किसानों ने आत्महत्या की है.किसान जीवन की त्रासदी पर आधारित हिन्दी के प्रख्यात लेखक संजीव के बहुचर्चित उपन्यास "फांस" में किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विस्तार पूर्वक विचार किया गया है. प्रस्तुत नाटक फांस में  किसान जीवन की उसी  त्रासदी को रंगमंच के माध्यम से समाज  के सामने लाने का एक छोटा सा प्रयास है. सरकार की कृषि विरोधी नीतियों और किसानों की लगातार उपेक्षा के कारण आज खेती जीवनयापन का साधन न होकर किसानों के गले की फांस बन गई है. किसान जीवन के अनगिन दुखों की मार्मिक कहानी नाटक ,फांस  में पूरी शिद्दत के साथ शीबू के अंतहीन जीवन  संघर्ष के माध्यम से कृषि समाज और कृषकों के जीवन से सीधा संवाद करती है. यह सिर्फ किसानों की गरीबी, भूखमरी और अभावों की कहानी भर नहीं है बल्कि  इसमें किसानों की सामाजिक दुर्दशा , लगातार बढ़ता वर्ग संघर्ष ,आदमी और आदमी के बीच की  असमानता ,उसकी बेबसी और जीवन के प्रति जिजीविषा की कहानी भी है.शीबू को बेटी छोटी ठीक ही कहती है- कौन कहता है कि गरीब आदमी सिर्फ भूख ,कर्ज और  गरीबी से मरता है, शीबू जैसे लोग तो अपने मान- सम्मान के लिए भी मरते हैं. दरअसल शीबू जैसे लोग एक बार में कहां मरते हैं वो तो रोज पैदा होते है रोज मरते हैं.

नाटक में मंच पर बलराज पाठक, प्रतिमा गजभिए, साक्षी शर्मा, अलका दुबे, अनिल पटेल, नरेश साहू, नंदा रामटेके, सुरेंद्र बेड़गे, दलेश्वर साहू, सुरेश बांधे, संगीता सोनी, सुनिता गजभिए, सूर्या महिलांगे, नीतेश लहरी, अशोक ताम्रकार ने भूमिका निभाई है. प्रकाश और मंच व्यवस्था अरुण काठोटे व बालकृष्ण अय्यर, संगीत- संतोष चंद्राकर, सुभाष बुंदेले, हरजीत जुनेजा, आबिद अली, सिद्धार्थ बोरकर, अरविंद ठाकुर, गौतम चौबे, पुष्पा साहू, सुनिता गजभिए, लच्छीराम सिन्हा, गौतम धीवर, ठालेंद्र यादव ने दिया है. रूप सज्जा दिनेश धनगर ने की है.

 

 

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गलती से चले गए थे भाजपा में... लौटे तो फिर बजाने लगे गिटार

रायपुर. छत्तीसगढ़ के एक वरिष्ठ पुलिस अफसर राजीव श्रीवास्तव ने विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी. एक कांग्रेसी परिवार से तालुकात रखने वाले श्रीवास्तव को थोड़े ही दिनों में समझ में आ गया कि भाजपा वालों से उनकी पटरी कभी नहीं बैठ सकती. जब उनका दम घुटने लगा तो उन्होंने पार्टी छोड़ दी. उनके इस कदम से उनके चाहने वाले बेहद खुश है क्योंकि राजीव श्रीवास्तव जिन्हें लोग राजू भैया भी कहते हैं वे अपनी पुरानी दुनिया में लौट आए हैं. उनकी असली दुनिया है कला और संगीत से जुड़ी हुई है. जो लोग उनसे परिचित हैं वे इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि पुलिस सेवा में आने से पहले वे एक आर्केस्ट्रा में गिटार बजाया करते थे. शहर के कई बड़े आयोजन उनके नाम है. एक मौके पर वे सदाबहार गायक किशोर कुमार को भी आमंत्रित कर चुके हैं.

संस्कृति विभाग में उनकी पदस्थापना के दौरान कई बेहतर आयोजन हुए जिसे लोग आज भी याद करते हैं. उनके शुभचिंतक बताते हैं कि भाजपा प्रवेश करते ही संगीत से उनका नाता टूट गया था और वे खामोश रहने लगे थे. अब वे पहले की तरह बाग-बगीचों में जाकर माउथ आर्गेन बजा रहे हैं तो कभी गिटार. उन्होंने माउथ आर्गेन बजाने वालों को एकत्रित कर हारमोनिका कल्ब का गठन कर रखा है. इस संस्था से जुड़े सदस्यों के साथ वे बाग-बगीचों में जाकर तन-मन-रंजन नाम से संगीत का अनोखा कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं. उनका मानना है कि संगीत से अनेक बीमारियां दूर होती है. विशेषकर माउथ आर्गेन को नियमित रुप से बजाने पर सांस की बीमारी में फायदा पहुंचता है. पुलिस सेवा से सेवानिवृत राजीव श्रीवास्तव कहते हैं- संगीत से तो जीवन भर के लिए रिश्ता बना हुआ है... वहां से रिटायरमेंट संभव नहीं है.

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रमन सरकार ने नौकरी छीनी... फिर भी नहीं हारी हिम्मत...अब अमेरिका में प्रस्तुति देगी अनुराधा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद लेखक-पत्रकारों के साथ कलाकारों ने भी राहत की सांस ली है. पहले अफसरों की नृत्यांगना पत्नियां ही सभी सार्वजनिक और बड़े समारोह हिस्सा हुआ करती थी,लेकिन जब से सरकार बदली है तब से अफसर पत्नियों की कथित उपलब्धियों से भरी खबरें और तस्वीरें छपना बंद हो गई है. अन्यथा पूरे पन्द्रह साल तक यही लगता था कि साहित्य, संस्कृति और कला की समझ केवल अफसरों पत्नियों के पास ही है. देश की एक नृत्यागंना अनुराधा दुबे के साथ पिछली सरकार ने क्या किया था वह किसी से छिपा नहीं है. छत्तीसगढ़ की रमन सरकार ने इस प्रतिभाशाली नृत्यागंना की नौकरी तक छीन ली थीं. बावजूद इसके अपनी हिम्मत और मेहनत के बल पर अनुराधा ने अपनी रचनात्मकता को कुंद नहीं होने दिया. अपनी प्रतिभा से विशिष्ट पहचान बनाने वाली अनुराधा अब अंतरराष्ट्रीय हिंदी संस्थान (न्यू जर्सी) द्वारा रॉयल अलबर्ट पैलेस में दो दिवसीय हिंदी कन्वेंशन का हिस्सा बनने जा रही है.

इस आयोजन के लिए अनुराधा दुबे ने खास तौर पर डॉक्टर धर्मवीर भारती की रचना “कनुप्रिया” को नृत्य नाटिका के रूप में तैयार किया है। कनु याने कृष्ण और उनकी प्रिया राधा-राधा, के अंतर्मन की व्यथा,कृष्ण के साथ बिताए पलों की मधुर यादें, कृष्ण के प्रति नाराज़गी,विभिन्न प्रश्न और कृष्ण के द्वारकाधीश बनने के बाद के विरह और कृष्ण के अंतहीन इन्तज़ार की कथा है,कनुप्रिया। अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में 10 और 11 मई को  दो दिवसीय हिंदी कन्वेंशन हैं जिसमें मशहूर नृत्यांगना डॉक्टर अनुराधा दुबे अपनी प्रस्तुति देंगी। इस  संगीतमय प्रस्तुति की परिकल्पना एवं काव्य चयन – शुभम सिंह (रंगकर्मी) की है।नृत्य संयोजन – अनुराधा दुबे संगीतकार – जयश्री साकल्ले और विवेक टांक,की बोर्ड – सूरज महानंद,बांसुरी – विवेक टांक, पैड – राजेश और नरेंद्र नायक,तबला – महेंद्र चौहान और राज,गायिका – जयश्री साकल्ले और गरीमा दिवाकर, रिकॉर्डिस्ट और एडिटर – दीप्ति रंजन साहू ,अभिषेक स्टूडियो रायपुर का है.

इसके पूर्व अनुराधा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन, इजिप्ट, इंडोनेशिया, हंगरी (यूरोप) सिडनी (आस्ट्रेलिया) और मिलान (इटली)इसके अलावा भारत के विभिन्न शहरों के प्रसिद्ध मंचों पर प्रस्तुतियां दी हैं। उन्हें अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों, सम्मानों और अवॉर्ड्स से भी सम्मानित किया गया है. अनुराधा दुबे छत्तीसगढ़ी, हिंदी, भोजपुरी फिल्मों और रंगमंच की प्रतिष्ठित अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक प्रसिद्ध उदघोषिका और समाचार वाचिक भी हैं। न्यूजर्सी में आयोजित होने जा रहे इस दो दिवसीय हिंदी कन्वेंशन के समापन समारोह के मंच संचालन का जिम्मा भी अनुराधा को सौंपा गया है। वे 11 अप्रैल को सूफी संगीत संध्या और कवि सम्मेलन का मंच संचालन भी करेंगी. अनुराधा दुबे को रचनात्मका सक्रियता और उपलब्धि के लिए उनके शुभचिंतकों ने बधाई दी है. 

 

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सॉरी सर के लिए त्र्यम्बक को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

रायपुर.लोकप्रिय ऐनिमेशन कॉलम “सॉरी सर ”  के  कार्टूनिस्ट  त्र्यम्बक शर्मा  को सात फरवरी गुरुवार को एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय चैनल आईएनएच और यू ट्यूब में एक साथ चलने वाले इस म्यूज़िकल ऐनिमेटेड वीडियों में छत्तीसगढ़ के नेताओं के साथ साथ प्रधानमंत्री और राहुल गांधी को भी गाना गाते दिखाया जाता है. देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच ने अपने प्रकाशन के 23वें वर्ष में इसे प्रारम्भ किया हैं. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने त्र्यम्बक शर्मा को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया, तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने श्रीफल प्रदान कर अपनी शुभकामना दी। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने उन्हें कार्टून वॉच के 22 साल पूरे होने पर बधाई दी।इस मौके पर हरिभूमि पत्र समूह और आईएनएच के एडिटर इन चीफ डाक्टर हिमांशु द्विवेदी ने त्र्यम्बक शर्मा को बधाई देते हुए कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और दर्शकों को बताया कि किस तरह कार्टून वॉच ने 22 साल पूरे कर लिए हैं. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कार्टून वॉच और त्र्यम्बक शर्मा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।  

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अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा समेत पांच पर धोखाधड़ी का आरोप

मुरादाबाद: इंडियन फैशन एंड ब्यूटी अवार्ड कंपनी ने फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और उनकी मैनेजर समेत पांच पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। दिल्ली में शो करने के लिए कंपनी से सोनाक्षी सिन्हा के खाते में 28 लाख रुपये डलवाए गए थे। हवाई जहाज के टिकट कराए गए, लेकिन एनवक्त पर उन्होंने आने से इन्कार कर दिया।
रकम वापस मांगने पर सोनाक्षी की मैनेजर ने कंपनी के डायरेक्टर को मैसेज कर जान से मारने की धमकी दे डाली। कंपनी के डायरेक्टर ने सभी दस्तावेज पेश कर एसएसपी से अभिनेत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ कटघर को सौंपी है।

इंडियन फैशन एंड ब्यूटी अवार्ड कंपनी के मालिक कटघर के हनुमान मंदिर स्थित डबल फाटक शिवपुरी निवासी प्रमोद शर्मा हैं। उनकी कंपनी ने दिल्ली के श्रीफोर्ट ऑडिटोरियम में फैशन शो कराने का ठेका लिया था। इस आयोजन के लिए जून में ही बुकिंग कर ली गई थी। प्रमोद शर्मा के मुताबिक, सोनाक्षी की कंपनी के मैनेजर अभिषेक सिन्हा, उनकी पत्‍‌नी स्वाति सिन्हा, अभिनेत्री की मैनेजर मालादीका से ध्रुवमिला टक्कर और ऐल्डा के जरिये संपर्क हुआ था। 24 लाख की रकम जीएसटी लगाकर किस्तों में स्वाति सिन्हा और सोनाक्षी सिन्हा के खाते डाली गई थी।

रकम वापस मांगने पर धमकी

30 सितंबर को होने वाले शो में आने के लिए सात एयर टिकट सुबह 10 बजे के बुक कराए गए थे। बाद में मैसेज आया कि दोपहर दो बजे के टिकट करा दिए जाएं। उस समय पांच टिकट ही हो पाए। टिकट पूरे नहीं होने पर मालादीका की ओर से मैसेज आया कि वो इस शो में शामिल नहीं हो सकते। सोनाक्षी के नहीं आने पर शो निरस्त करना पड़ा, जिस पर संचालक प्रमोद को पुलिस उठाकर ले गई। सभी कागजात दिखाने के बाद प्रमोद को छोड़ा गया। प्रमोद का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर सोनाक्षी की मैनेजर ने धमकी भरा मैसेज भेजा।

रकम वसूली का आरोप

कंपनी के मैनेजर की ओर से की गई शिकायत पर सीओ कटघर को जांच के लिए कहा गया है। शिकायत में अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और उनकी महिला मैनेजर समेत पांच पर रकम वसूली का आरोप लगाया गया है।

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फ्लॉप हुई 'ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान' का सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर लिया आमिर खान

नई दिल्‍ली: यश राज बैनर्स आमिर खान और अमिताभ बच्‍चन जैसे दो सुपरस्‍टार्स को अपनी फिल्‍म 'ठग्‍स ऑफ हिंदोस्‍तान' के जरिए पहली बार बड़े पर्दे पर साथ लाए. इस फिल्‍म को लेकर फैंस में जबरदस्‍त क्रेज था, लेकिन दिवाली के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्‍म का जो हश्र बॉक्‍स ऑफिस पर हुआ, वैसा शायद ही किसी ने सोचा हो. बड़े सितारों, बड़े बजट और धुआंधार एक्‍शन से सजी यह फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर पूरी तरह फ्लॉप हो गई. ऐसे में बॉलीवुड में 'मिस्‍टर परफेक्‍शनिस्‍ट' कहलाने वाले एक्‍टर आमिर खान ने अब इस फिल्‍म की पूरी विफलता की जिम्‍मेदारी खुद पर ले ली है.

सोमवार को अपनी फिल्‍म की असफलता पर आमिर खान ने दुख जताया. उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें इस बात का दुख है कि वह अपने दर्शकों का मनोरंजन नहीं कर पाए. मुंबई में मीडिया से बात करते हुए आमिर खान ने कहा, 'मैं इस बात की पूरी जिम्‍मेदारी लेता हूं कि यह फिल्‍म दर्शकों का मनोरंजन नहीं कर पायी. मुझे लगता है कि हम से गलती हुई है और मैं इसकी पूरी जिम्‍मेदारी लेता हूं. लेकिन यह भी सच है कि हमने अपनी पूरी मेहनत इस प्रोजेक्‍ट में लगाई थी.'

आमिर ने कहा, 'हमने कोशिश में कोई कसर नहीं छोड़ी थी लेकिन कुछ तो है जो गलत हुआ. कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्‍हें यह फिल्‍म पसंद आई और हम उनका शुक्रिया अदा करना चाहते हैं, लेकिन ऐसे लोग बहुत कम थे. ज्‍यादातर लोगों को हमारी फिल्‍म पसंद नहीं आई और हमें यह पूरी तरह एहसास है.'

आमिर खान ने कहा, 'मैं जानता हूं कि दर्शक काफी उम्‍मीदों के साथ मेरी फिल्‍म देखने आते हैं, मैं उनसे भी माफी मांगता हूं कि मैं इस बार उन्‍हें उस स्‍तर पर मनोरंजन नहीं दे पाया.' हालांकि जब आमिर से पूछा गया कि आखिर यह फिल्‍म क्‍यों फ्लॉप हुई तो इसपर आमिर ने कहा कि वह अपनी हर फिल्‍म को अपने बच्‍चे की तरह मानते हैं और इसलिए वह हरबात पब्लिकली नहीं कह सकते.

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Koffee With Karan 6: करण जौहर ने अजय देवगन-काजोल से मांगी माफी

बीते दिनों रोज करण जौहर karan johar के चैट शो कॉफी विद करण 6 (Koffee with Karan 6) में अजय देवगन और काजोल (Kajol-Ajay Devgan) की एंट्री हुई। इस बात को लेकर लोग पहले ही हैरान थे, लेकिन कल शो के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि अजय और काजोल भी हैरान हो गए। दरअसल, करण ने अपने शो को शुरु करने से पहले कुछ ऐसा किया जिसकी उम्मीद शायद अजय और काजोल को भी नहीं होगी। करण ने शो की शुरुआत में ही काजोल और अजय से माफी मांगी। साथ ही ये भी कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि अपनी किताब में उन्होंने दोनों के साथ हुई लड़ाई का जिक्र किया था। 

साल 2016 में करण की 'ऐ दिल है मुश्किल' और अजय की 'शिवाय' के रिलीज के दौरान अजय ने एक टेप रिकॉर्डर रिवील किया था, जिसमें केआरके (कमाल आर खान) करण जौहर के साथ हुई डील का जिक्र कर रहे थे। कि करण ने उन्हें 'शिवाय' का निगेटिव रिव्यू करने के लिए कहा था। जिसके बाद दोनों में काफी तनाव हो गया और काजोल ने भी दोस्त करण की बजाय अपने पति अजय देवगन का साथ दिया। जिससे बात और बिगड़ गई। लेकिन अब करण, अजय और काजोल ने सारे गिले-शिकवे भुलाकर फिर से एक दूसरे की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया। इसी शो में अजय देवगन ने इस बात का खुलासा किया कि उन्होंने कई दफा काजोल से कहा कि वह करण से इस सिलसिले में बात करें और आखिर में काजोल ने अपने जन्मदिन पर करण को न्यौता भेजा। जिसके बाद दोनों के बीच फिर बात शुरू हुई। बता दें कि करण अपने दोस्तों को ज्यादा दिन तक नाराज नहीं देख सकते है और कल रात उन्होंने इस बात को फिर से साबित कर दिया।

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अक्षय-रजनीकांत की फिल्म ने की बंपर कमाई, 4 दिन में कमाए 364 करोड़ से ज्यादा

रजनीकांत (Rajinikanth) और अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म '2.0' ने रिलीज के चौथे दिन ही बंपर कमाई कर ली है। पहले दिन ही 100 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली इस फिल्म महज चार दिनों के अंदर ही दुनियाभर में 364 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। इस बात की जानकारी ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए दी है। इसके साथ ही इस फिल्म ने कई हॉलीवुड फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है।

इस फिल्म ने 'फैंटास्टिक बीस्ट', 'राल्फ ब्रेक्स द इन्टरनेट', 'द ग्रिंच' और 'वेनम' जैसी सुपरडुपर हिट हॉलीवुड मूवीज को भी पीछे छोड़ दिया है और कमाई के मामले में नंबर वन बन गई है। जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इससे पहले किसी इंडियन फिल्म ने ऐसा कमाल नहीं दिखाया है। 

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