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झीरम मामले में रमन सिंह, अमित जोगी और भाजपा के चहेते पुलिस अफसरों का प्रतिपरीक्षण अनिवार्य

झीरम मामले में रमन सिंह, अमित जोगी और भाजपा के चहेते पुलिस अफसरों का प्रतिपरीक्षण अनिवार्य

रायपुर. कांग्रेस ने झीरम न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट के मामले में भाजपा और छत्तीसगढ़ जोगी कांग्रेस से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवालिया निशान लगाया है. प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने एक बयान में कहा हैं कि झीरम मामले की सच्चाई उजागर करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह उनके सरकार के चर्चित रणनीतिकारों सहित घटना के समय पुलिस के तैनात बड़े अधिकारी एडीजी नक्सल, एडीजी गुप्त वार्ता के अलावा अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी, विष्णुदेव साय का भी प्रतिपरीक्षण किया जाना चाहिए. शुक्ला ने कहा कि झीरम नक्सल संहार कांग्रेस के सीने पर लगा वह घाव है जो षड्यंत्र के बेनकाब हुए तथा दोषियों को सजा दिलवाए बिना कभी भर नही सकता हैं. शुक्ला का कहना है कि झीरम की घटना में कांग्रेस ने अपने नेताओं की पूरी पीढ़ी को खोया है. न्यायिक आयोग की गोपनीय रिपोर्ट सार्वजनिक हुए बिना भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय, अमित जोगी जो भी बयान दे रहे उससे आयोग की अभी तक की जांच और उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़ा हो गया है. आखिर संवेदनशील और गोपनीय रिपोर्ट के तथ्यों के बारे में दोनों नेताओं के दावों का आधार क्या है? किसकी मिली भगत से इन दोनों को रिपोर्ट की गोपनीय जानकारी मिल रही है? क्या आयोग ने स्वयं होकर इन्हें रिपोर्ट की जानकारी दी है? यदि भाजपा और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के दावे झूठे है तो किस बात से ध्यान हटाने के लिए भाजपा और छतीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा बयान दिया गया है? प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि शहीद नन्द कुमार पटेल के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उनकी आक्रमक शैली से तत्कालीन भाजपा सरकार और सरकार में बैठे हुये लोग घबराए हुए थे. कांग्रेस के द्वारा निकाली जा रही परिवर्तन यात्रा के फलस्वरूप राज्य में परिवर्तन की लहर चल रही थी. परिवर्तन की लहर से भाजपा को नुकसान होना तय था. आखिर क्या कारण था कि धुर नक्सल क्षेत्र में विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी वाली यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को घटना वाले दिन ही हटा लिया गया था? झीरम नक्सल हमले के राजनैतिक षडयंत्रों की जांच होनी चाहिए तभी सच्चाई सामने आएगी. भाजपा की तत्कालीन सरकार की बी टीम के रूप में कौन काम कर रहा था किसी से छुपा हुआ नही है.

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