बड़ी खबर

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीः तृप्ति सिन्हा और केआरसी मूर्ति हटाए गए..सुपर सीएम की गैंग में शामिल और भी कई अफसरों की होगी छुट्टी

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीः तृप्ति सिन्हा और केआरसी मूर्ति हटाए गए..सुपर सीएम की गैंग में शामिल और भी कई अफसरों की होगी छुट्टी

रायपुर. राज्य सरकार ने स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर एवं प्रबंध संचालक केआरसी मूर्ति और पारेषण कंपनी की प्रबंध निदेशक तृप्ति सिन्हा को हटा दिया है. मूर्ति मुख्य रुप से एनटीपीसी के रीजनल एक्जीक्यूटिव डायरेक्ट थे. अभी वे डेढ़ साल तक पॉवर कंपनी में बने रह सकते थे, लेकिन पुख्ता शिकायतों के आधार पर उनकी सेवाएं एनटीपीसी को लौटा दी गई है. तृप्ति सिन्हा वैसे इस 30 नवम्बर को सेवानिवृत हो गई थीं, लेकिन भाजपा के शासनकाल में उन्हें पारेषण कंपनी का प्रबंध निदेशक बना दिया गया था. वे 31 मई 2020 तक इस पद पर काबिज रह सकती थी. इधर सरकार ने बुधवार को उन्हें भी विदाई दे दी है. मूर्ति की जगह सेवानिवृत चीफ इंजीनियर राजेश वर्मा को डायरेक्टर व एमडी बनाया गया है जबकि तृप्ति सिन्हा के स्थान पर अशोक कुमार को नई जिम्मेदारी दी गई है.

बिजली कंपनी में फिलहाल खुद को देश के सबसे बड़े नौकरशाह और सुपर सीएम के रुप में प्रचारित करने वाले अफसर से जुड़े हुए लोगों की विदाई का सिलसिला चल रहा है. बिजली कंपनी कंपनी में इसे स्वच्छता अभियान के तौर पर देखा जा रहा है. कुछ माह पहले सरकार ने 19 साल तक मंत्रालय में जमे रहे एमएस रत्नम को ससम्मान घर भेज दिया था. हालांकि वे सेवानिवृत हो गए थे, मगर  संविदा में नियुक्ति पाने के लिए जोड़तोड़ कर रहे थे. मूर्ति और तृप्ति सिन्हा को एमएम रत्नम का खास समझा जाता था. मूर्ति पर बिजली उत्पादन कंपनी में उत्पादन को प्रभावित करने के साथ-साथ अन्य कई तरह के गंभीर आरोप थे. तृप्ति सिन्हा के कामकाज को लेकर भी कई तरह की शिकायतें थीं. छत्तीसगढ़ राज्य बिजली कंपनी की अलग-अलग ईकाईयों में निदेशक जीसी मुखर्जी, ओसी कपिला और हेमराज नरवरे भी कार्यरत है. सूत्रों का कहना है कि उक्त सभी अफसरों की भी जल्द ही छुट्टी हो जाएगी. इसके अलावा गैंग में शामिल अन्य अफसरों पर भी गाज गिर सकती है. 

ये भी पढ़ें...